हाइवे की चुड़ैल। Highway ki Chudail - Bhooto ki kahaniyan
सूरत के रहने वाले जिग्नेश पिछले साल नवरात के दिनों में कार ले कर अपने दोस्त दीपक के साथ सूरत से जामनगर आ रहे थे। रात के दो बजे होने के कारण रास्ता काफी सुनसान था।
गाड़ी 70 किमी की रफ्तार से दौड़ रही थी और गाड़ी में तेज़ म्यूज़िक बज रहा था। तभी अचानक गाड़ी से करीब 100 मीटर की दूरी पर एक खूबसूरत औरत लिफ्ट मांगने का ईशारा करते नज़र आई.
जिग्नेश गाड़ी चला रहा था जबकि दीपक उसके बगल में बैठा था। औरत को देखते ही जिग्नेश गाडी धीरे करने लगा…इसपर दीपक ने उसे टोका कि आजकल HIGHWAY पर इस तरह से गाड़ी रुकवाकर लूट-पाट की जा रही है। इसलिए तुम गाड़ी मत रोकना।
पर जिग्नेश नहीं माना, उसने औरत के बगल में जाकर गाड़ी रोक दी।
“कहाँ जाना है आपको”, जिग्नेश ने पुछा
“जामनगर”, औरत का जवाब आया।
जिग्नेश ने पीछे वाली सीट पर उसे बैठा लिया।
कुछ देर तक तो सब कुछ सामान्य रहा पर अचानक ही पीछे से उस औरत के हंसने की आवाज़ आने लगी…..
दीपक ने मुड़ कर के देखा तो उसके होश उड़ गए…और उसकी चीख निकल पड़ी
वो औरत दरअसल एक चुड़ैल थी…. उसने अपने लम्बे-लम्बे बाल आगे की तरफ झुका रखे थे…जिनके बीच से उसकी चमकती हुई डरावनी आँखें दिखाई दे रही थीं… उसके नाख़ून चाक़ू की तरह लम्बे थे और शरीर पर भी मर्दों की तरह बाल थे।
चीख सुनकर जिग्नेश ने फ़ौरन ब्रेक लगा दिया और गाड़ी खड़ी कर कूद कर भागने लगा…दीपक ने भी यही करना चाहा…लेकिन लाख कोशिश करने पर भी उसके साइड का दरवाजा नहीं खुला….कुछ देर बाद जब जिग्नेश कुछ गाँव वालों को लेकर गाड़ी के पास पहुंचा तो वहां सिर्फ गाड़ी खड़ी थी।
इस घटना के बाद दीपक का कभी कोई पता नहीं चला। जिग्नेश भी कुछ दिनों बाद अचानक से बीमार पड़ा और उसकी मृत्यु हो गयी।
पुलिस तफ्शीश में पता चला कि उस इलाके में हर साल उसी दिन के आस-पास इस तरह की एक घटना घटती है। जिसकी वजह आज तक कोई नहीं समझ पाया।
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